Uttar Pradesh Tour

Uttar Pradesh is the main tourist center of North India. Local and foreign tourists come in large numbers to visit Uttar Pradesh. Religious travel, historical place and national park are the main attraction of Uttar Pradesh tour.
The famous attractions of Uttar Pradesh are Tourism: Agra Tour, Varanasi Tour, Mathura Tour, Lucknow Tour, Vrindavan Tour and Dudhwa National Park.
Agra City: It is a city in northern India’s Uttar Pradesh state. Taj Mahal, Fatehpur Sikri, Agra Fort and Akbar’s Tomb are main tourist attraction points of this tours.

Taj Mahal
Varanasi Tour: It is most religious place for hindu religion in north india.Since ancient times, its name is in the holy city of India. The city is situated on the banks of river Ganga, in which there are two tributaries in the city: Varuna and Asi, hence it is known as Varanasi.

varanasi tour
Mathura: Mathura is a holy city of northern India. Here the god god Yva Van Krishna Krishna was born. Here is the carved entrance at Dwarkadhish temple and a black-marble statue of Lord Krishna.

Mathura tour
The Dudhwa National Park: Dudhwa National Park: It is a national park in Tharai in Uttar Pradesh, India, which is spread over 490.3 km2 (18 9.3 square miles) with a buffer zone of 190 km2 (73 square miles). It is part of the Tiger Reserve which lies on the Indo-Nepal border in the Lakhimpur Kheri district, and buffer of reserved forest areas on the northern and southern edges

2019 Prayagraj(Allahabad) Kumbh Mela

कुंभ मेला का हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व है, जिसे लोग पर्व के रूप में मनाते है। देश-विदेश से हजारो श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल हरिद्वार, इलाहाबाद, उज्जैन और नासिक में स्नान करने के लिए आते है। 12 साल के अंतराल के बाद कुंभ का पर्व आता है।
मकर संक्रांति के दिन कुंभ का मेला प्रारम्भ होता है। हिंदू धर्म के अनुसार ऐसी मान्‍यता है कि किसी भी कुंभ मेले में पवित्र नदी में स्‍नान करने से सभी पुराने पाप धुल जाते हैं और मनुष्‍य को जन्म-पुनर्जन्म तथा मोक्ष की प्राप्‍ति होती है.
Kumbh Mela 2019

Kumbh Mela Date
मकर संक्रांति (पहला शाही स्नान) 14-15 जनवरी 2019
पौष पूर्णिमा 21 जनवरी 2019
पौष एकादशी स्नान 31 जनवरी 2019
मौनी अमावस्या (मुख्य शाही स्नान, दूसरा शाही स्नान) 04 फरवरी 2019
बसंत पंचमी (तीसरा शाही स्नान) 10 फरवरी 2019
माघी एकादशी 16 फरवरी 2019
माघी पूर्णिमा 19 फरवरी 2019
महा शिवरात्री 04 मार्च 2019

 

Dussehra

Dussehra
Dussehra

विजयादशमी(दशहरा) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है. यह अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था। इसीलिये दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है. यह पर्व बहुत धूम धाम से मनाया जाता है।

Siddhidatri Maa Puja 9th Day of Navratri

नवरात्र के नौवें दिन माँ दुर्गा के नौवीं स्वरूप माता सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। माँ के विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है. साधक को ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है।

Maa Siddhidatri
Maa Siddhidatri

Mahagauri Maa Puja 8th Day of Navratri

नवरात्र के आठवें दिन माँ दुर्गा के आठवीं स्वरूप माता महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। माँ की उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पहले की पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख ये सब पास नहीं आते है।

MaaMahagauri
Maa Mahagauri

Worship Maa Kaalratri on the 7th day of Navaratri

नवरात्र के सातवें दिन माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माता कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। माँ का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है , परन्तु ये सदैव शुभ फल ही देने वाली हैं. इस लिए इनको शुभंकारी नाम  से भी जाना जाता है। इस लिए भक्तों को माँ के  स्वरूप से किसी प्रकार भी भयभीत अथवा डरने की आवश्यकता नहीं है।

Maa Kaalratri
Maa Kaalratri

माँ का स्वरूप केवल दुष्टों का विनाश करने वाली हैं.दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं।

Mata Katyayani Puja 6th Day of Navratri

नवरात्र के छठे दिन माँ दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हैमावती माँ को इन सभी नामो से जाना जाता है। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी पुकारा जाता है.

Maa Katyayani
Maa Katyayani

पार्वती द्वारा दी गई सिंह पर सवार होकर महिषासुर का संहार किया। देवी दुर्गा की तरह माँ की परम्परागत रूप लाल रंग से जुड़ी हुई हैं। नवरात्रि के उत्स्व पर षष्ठी के दिन माँ की पूजा अर्चना की जाती है।

Skandmata Mata Puja 5th Day of Navratri

नवरात्र के पांचवे दिन माँ दुर्गा के पांचवे स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। पांचवे दिन की पूजा का महत्व सबसे अथिक है क्योकि ऐसी मान्यता है की इस दिन माँ की पूजा -अर्चना करने से साधक की इच्छाएं पूरी होती हैं और साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

Skandmata
Skandmata

स्कंदमाता का स्वरूप: कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है. माँ का वाहन सिंह है।

Kushmanda Mata Puja Fourth Day of Navratri

Maa Kushmanda
Maa Kushmanda

नवरात्र के चौथा दिन माँ दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। चौथा दिन की पूजा का महत्व सबसे अथिक है क्योकि इस दिन साधक का मन ‘अदाहत’ चक्र में अवस्थित होता है।.
पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-अर्चना करना चाहिए .

क्या आपको पता है ? नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।

Maa chandraghanta
Maa chandraghanta

नवरात्र के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। तीसरे दिन की पूजा का महत्व सबसे अथिक है क्योकि इस दिन साधक का मन ‘मणिपूर’ चक्र में प्रविष्ट होता है।.
माँ की उपासना से लौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है।